सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़..

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बीते दिनों बोकारो में हुए गायक खेसारी लाल के कार्यक्रम की चर्चा जोर-शोर से रही| इसके मुख्य आयोजक राजेंद्र महतो ने खूब वाह-वाही लूटी लेकिन अब एक बेहद ही चौंका देने वाला सामने आया है| बीएसएल, रेलवे समेत कई और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी वाले गिरोह का बोकारो पुलिस ने उद्भेदन किया है| इस गिरोह का मुख्य सरगना कोई और नहीं बल्कि राजेंद्र महतो ही है|

पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस. ने बताया कि गोरखपुर निवासी उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव के बेटे सौरभ कुमार श्रीवास्तव को बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपए की ठगी संबंधी मामले के अनुसंधान के दौरान उक्त कामयाबी मिली। उन्होंने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना हरला थानांतर्गत रामडीह मोड़ निवासी राजेंद्र महतो है। बता दें कि राजेंद्र महतो खुद को विस्थापित नेता बताते थे और तथाकथित विस्थापित आंदोलन के नाम पर वह आत्मदाह का भी प्रयास कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने माता के जागरण के नाम पर खेसारीलाल यादव का कार्यक्रम आयोजित करवाया था, हालांकि जागरण की आड़ में यहां इश्कबाजी के गाने सुनाए गए थे। इसे बात की चर्चा शहर में चारों तरफ हो ही रही थी ऐसे में आज ये नया मामला सामने आया है|

एसपी ने बताया कि राजेंद्र महतो, चीराचास निवासी राजीव कुमार यादव और सेक्टर-9ए के रहने वाले सूरज महतो सहित तीन चार अन्य लोगों के साथ मिलकर नौकरी के नाम पर ठगी का रैकेट चलाया करता था। पुलिस ने सौरभ श्रीवास्तव से नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में प्राथमिक अभियुक्त राजीव कुमार यादव के साथ-साथ राजेंद्र महतो और सुनील महतो को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि इस मामले में सेक्टर 9 निवासी लव कुमार व नवीन कुमार सिंह, वर्धमान (पश्चिम बंगाल) निवासी शिवा चन्द्रा उर्फ प्रकाश पासवान एवं उत्तर प्रदेश का रहने वाले पिंकू श्रीवास्तव, ये सभी फरार हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

गिरफ्तारी के दौरान इनलोगों के पास से बोकारो स्टील प्लांट के कार्मिक विभाग से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने संभावना जताई है कि इस बड़े गिरोह के गोरखधंधे के पीछे बोकारो स्टील के अधिकारियों व कर्मियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इस संदर्भ में जांच की जा रही है।

इसके अलावा राजेन्द्र महतो पर गोरखपुर के भुक्तभोगी की पत्नी के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप है। बताया जा रहा है कि जब महिला ठगी का पता चलने के बाद पैसे वापस मांगने गई तो राजेंद्र ने उसके साथ छेड़खानी भी की थी। एसपी के अनुसार इस गिरोह के लोगों ने लगभग 70 लोगों को ठगा है। लगभग 70 लाख रुपये का बैंक बैलेंस भी सीज किया गया है, जिसके बारे में प्रवर्तन निदेशालय को लिखा जा सकता है।

राजेंद्र महतो का सहयोगी राजीव कुमार यादव फंसाये गए लोगों से पैसे वसूलने का काम किया करता था| वह उमेश सिंह बनकर लोगों के पास जाता था और रुपये वसूलता था। उसी ने सौरभ श्रीवास्तव को नौकरी दिलाने के नाम पर उसके माता-पिता से छह लाख रुपये वसूले थे। एसपी ने बताया कि राजेन्द्र के गिरोह का लव कुमार लिखा-पढ़ी का काम किया करता था।

एसपी ने बताया कि गिरोह की सेटिंग ऐसी थी कि रैकेट के लोग खुद ही बीजीएच के डॉक्टर और अस्पतालकर्मी बन जाते थे। सूरज महतो बोकारो जनरल अस्पताल में सप्लायर का काम करता था। लंच ब्रेक के समय वह फर्जी तरीके से फांसे गये युवक का मेडिकल सर्टिफिकेट खुद ही डॉक्टर का फर्जी हस्ताक्षर कर बनवा देता था।

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