…ताकि कोई और पिता अपने बच्चे को ना खो दे..

Bokaro, News, Social

एक पिता के लिए सबसे बड़ा दु:ख अपने नौजवान बेटे के शव को कंधा देना है| अपनो को खोने का जख्म शायद ही कभी भर पाता है लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो इस दु:खद स्थिति से उभरने के लिए औरों की जिंदगी बचाने के प्रयास में लग जाते हैं| ऐसे ही एक शख्स है चास के रहने वाले श्री मनोज सिंह जिन्होंने अपने बड़े बेटे को सड़क हादसे में खो दिया| लेकिन कोई और उनके बेटे की तरह मौत के मुंह में ना चला जाए इसके लिए उन्होंने ‘यश फॉर यू’ नाम की संस्था का गठन कर जागरूकता अभियान की शुरूआत की|

श्री सिंह अपने चलाए हुए अभियान के तहत सड़क पर बिना हेलमेट के बाइक चलाने वाले युवक-युवतियों को जागरूक करने काम करते हैं| बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले युवाओं को वो अपने तरफ से हेलमेट देते हैं तथा उनसे अपील करते हैं कि वो अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहन कर ही गाड़ी चलाएं|

आज इसी कार्यक्रम को लेकर चास स्थित जोधाडीह मोड़ में ये जागरूकता अभियान चलाया गया| इस दौरान वहां बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन पर सफर कर रहे युवाओं को माला पहना कर उन्हें हेलमेट भेंट किया तथा आग्रह पूर्वक आगे से सतर्कता बरतने की सलाह दी| एक युवती ने इस अभियान में दिए गए हेलमेट को वहीं पहनते हुए सदैव उसके इस्तेमाल का भरोसा दिलाया |

संस्था के संस्थापक मनोज कुमार ने इस मौके पर बात करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं को जागरूक कर इस तरह के हादसे से बचाना है| वहीं चास डिप्टी मेयर अविनाश कुमार, चास डीएसपी बहामन टूटी, ट्रैफिक डीएसपी समेत संस्था के अन्य सदस्य भी इस अभियान में सम्मलित हुए| डीएसपी बहामन टूटी ने मनोज सिंह के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ये एक अच्छी पहल है| उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वो अपने बच्चों को बालिग होने तक बिना लाइसेंस के बाइक चलाने की अनुमति ना दें

आपको बता दें कि दो साल पहले(12 जनवरी 2017) मनोज सिंह के पुत्र यश की मौत एक सड़क हादसे में हो गई थी| ग्यारहवीं में पढ़ने वाला यश बिना हेलमेट पहने गाड़ी चला रहा था जिसकी वजह से सड़क हादसे में उसकी जान चली गई| अगर उसने हेलमेट पहना होता तो आज मनोज सिंह का परिवार ऐसे गम के साये में रहने को मजबूर ना रहता| इस घटना से आहत मनोज सिंह ने ‘यश फॉर यू’ नाम से एक संस्था का गठन किया और फिर युवाओं को संदेश देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया|

Leave a Reply